हर सिक्ख परिवार अपने बच्चों के नाम के साथ सिंह व कौर जरूर लगाये - जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज
करनाल 26 अप्रैल (पलविंदर सिंह सग्गू)
हर सिक्ख परिवार अपने बच्चों के नाम के साथ सिंह व कौर जरूर लगाये और उन्हें माँ बोली पंजाबी का ज्ञान जरूर दे। यह संदेश श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहेब ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने आज करनाल की धरती से सम्पूर्ण सिख जगत को दिया। वे इक ओअंकार मीडिया की स्थापना का एक वर्ष पूरा होने पर आयोजित गुरमत समागम में बोल रहे थे। बाबा सुखा सिंह डेरा कार सेवा करनाल के मार्गदर्शन में गुरु तेग़ बहादुर जी के प्रकाश पुरब व खालसा साजना दिवस को समर्पित आयोजन में उन्होंने वर्तमान समय में विभिन्न समस्याओं से झूझ रहे सिख समाज को एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से अलग होकर बनाई गई हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी में आपसी लड़ाई के चलते आज गुरुद्वारों में सरकार की दख़लंदाज़ी है और प्रधान जगदीश सिंह झिंडा को यह कहना पड़ रहा है कि हमारे पास लंगर के लिए भी पैसे नहीं है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि आपसी लड़ाई से सिखों के गुरुद्वारों के प्रबंध में सरकार का हस्तक्षेप है। उन्होंने हर सिख को श्री आनंदपुर साहेब का वासी बताया और आपसी एकता पर बल दिया।
जथेदार अकाल तख्त ने कहा कि एक और बहुगिनती वाले समुदाय चार चार बच्चे करने को बात कर रहे हैं तो दूसरी और 2 करोड़ की आबादी वाला सिख समुदाय एक एक बच्चे को कर रहा है। उन्होंने बच्चों की शादी समय पर करने और कम से कम तीन बच्चे जरूर करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सिक्ख क़ौम हमेशा चड़दी कला में रहे। इस से भी अधिक कठिन समय क़ौम पर आए हैं लेकिन सिखों ने कभी परवाह नहीं की। जब तक हमारा मुख गुरु ग्रंथ साहिब की और रहेगा कोई हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकता। उन्होंने हर सिख को देह धारी गुरुओं से दूर रहकर केवल गुरु ग्रंथ साहेब को समर्पित रहने की बात कही।
आज के गुरमत आयोजन में श्री दरबार साहिब के हजूरी रागी भाई राय सिंह, तख़्त श्री दमदमा साहिब के हजूरी रागी व तन्ती साजों पर कीर्तन करने वाले भाई बिंदर सिंह, प्रसिद्ध कथावाचक ज्ञानी परमजीत सिंह ख़ालसा आनंदपुर साहिब वाले और भाई बलविंदर सिंह हज़ूरी रागी गुरुद्वारा मंजी साहिब पाठशाला पहली, द्वारा गुरबानी कीर्तन, गुरशब्द विचार व इतिहास से संगत को जोड़ा गया। संगत के लिए गुरु के लंगर और ठंडे पानी की छबील का भी विशेष प्रबंध रहा।
इक ओअंकार मीडिया के प्रबंध निदेशक प्रितपाल सिंह पन्नू ने बताया कि आज गुरमत समागम के साथ साथ, इस अवसर पर पाँच से पच्चीस वर्ष के बच्चों व नौजवानों के दस्तार व दुमाले के मुक़ाबले भी करवाए गए। अलग अलग आयु वर्ग के 6 ग्रुप्स में बांट कर करवाए गए मुकाबलों में विजेताओं को मेमेंटो, नगद इनाम के साथ साथ प्रथम स्थान पर रहने वालों को पगड़ियां भी इनाम में दी गई। निर्णायक मंडल में शामिल सभी हस्तियों को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर करनाल में सेवा कार्यों के लिए बाबा सुखा सिंह जी का विशेष सम्मान किया गया। इक ओअंकार मीडिया पर गुरु ग्रंथ साहिब के सहज पाठ को अर्थों समेत करने के लिए भाई अमृतपाल सिंह, गुरु सिद्धांत व इतिहास के प्रचार प्रसार के लिए भाई सुखवीर सिंह चैना, सिख शस्त्र विद्या गतका के प्रचार प्रसार के लिए गुरतेज़ सिंह खालसा को जत्थेदार श्री अकाल तख्त ने अपने हाथों से सम्मानित किया गया। साथ ही थाईलैंड में सिख सिद्धांतो का प्रचार कर रहे साजन सिंह को भी विशेष सम्मान दिया गया। इस अवसर पर हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रधान जथेदार जगदीश सिंह झिण्डा, बाबा जसवंत सिंह निर्मल कुटिया जरीफा फ़ार्म, चड़दी कला टाइम टीवी के निदेशक हरप्रीत सिंह दर्दी, सीनियर पत्रकार हरजिंदर सिंह वालिया, सिख मिशन हरियाणा के इंचार्ज सुखविंदर सिंह, हरियाणा कमेटी के कार्यकारिणी मेम्बर पलविंदर सिंह दरड़, जथेदार दविंदर सिंह काला, हरियाणा कमेटी के पूर्व मेम्बर रतन सिंह, इंटरनेशनल सिख फोरम के जिला प्रधान पंजाब सिंह, गुरु नानक सेवा सोसायटी से जतिंदर सिंह सहित बड़ी संख्या में सिख संगत शामिल हुई। आयोजन में इंटरनेशनल सिख फोरम, गुरु नानक सेवक जत्था, दशमेश अखाड़ा, निमाना सेवक जत्था, नौजवान सिख सेवा दल, स्त्री सत्संग सभा गुरुद्वारा मंजी साहिब, गुरु नानक सेवा सोसायटी का विशेष सहयोग रहा। ... See MoreSee Less
5 days ago